Top Most Famous martial arts in india
Martial Arts In India - UPSC NOTES - Amazingworldraghav

भारत , विविध संस्कृतियों तथा प्रजातियों वाली भूमि है , जो की प्राचीन काल से ही अपने मार्शल आर्ट्स की विविधता के लिए जनि जाती है। पूर्व में युद्ध के लिए उपयोग होने वाले इन कला प्ररूपों को आज सामान्य रूप से , शारीरिक स्वास्थ्य लाभ के लिए तथा धर्मिक संस्कार के रूप में या आत्मरक्षा के एक साधन के रूप में , प्रयुक्त किया जाता है। मार्शल आर्ट का शाब्दिक अर्थ है ' युद्ध छेड़ने से संबद्ध कला '। ब्रिटिश शासन के दौरान इनमे से कुछ कला रूपों पर प्रतिबंध लगा दिया गया , भारत में मार्शल आर्ट्स के कुछ लोकप्रिय प्रकारों पर विचार - विमर्श किया गया है।
कलारीपयट्टू (Kalaripayattu Martial Arts In India)
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| Source :- istockphoto |
सिलम्बम (Silambam Martial Arts In India)
इन्बुआई कुश्ती ( Inbuan Wrestling Martial Arts In India)
मिज़ोरम के इस देशी मार्शल आर्ट , इन्बुआई कुश्ती का उद्द्भव मान्यता के अनुसार 1750 ईस्वी में हुआ था। इसमें बहुत कड़े नियम है , जिसके अंतर्गत वृत्ताकार क्षेत्र से बाहर पैर रखने ,लात चलाने और घुटने मोड़ने की मनाही है। इस खेल में विजय प्राप्त करने के लिए नियमों का कड़ाई के पालन करते हुए प्रतिदुंदु के पैरों को उठाना पड़ता है। इसमें पहलवानों द्वारा बेल्ट ( कमर में पहने गये ) को पकड़ना भी सम्मिलित है।
चेइबी गद -गा ( Cheibi Gad-ga Martial Arts In India )
मणिपुर के सबसे प्राचीन मार्शल आर्ट्स में से एक , चेइबी गद-गा के अंतर्गत एक तलवार और एक ढाल का उपयोग करके युद्ध किया जाता है। अब इसमें संशोधन करके तलवार के स्थान पर एक मुलायम चर्म आवरण युक्त छड़ी और एक चर्म निर्मित ढाल का उपयोग किया जाने लगा है। प्रतियोगिता एक सपाट सतह पर 7 मीटर व्यास वाले एक वृत्ताकार क्षेत्र में होती है। इस वृत्ताकार क्षेत्र के भीतर , हर दो मीटर की दूरी दो रेखाएँ होती है। ' चेइबी ' छड़ी की लम्बाई २ से २.५ फ़ीट के बीच होती है , जबकि ढाल का व्यास प्रायः १ मीटर होता है। इस प्रतियोगिता में विजय की प्राप्ति एक दुदुं के दौरान अर्जित किये जाने वाले अंको के आधार पर होती है। अंक , कौशल और शारीरिक बल के आधार पर प्रदान किये जाते है।
Summary of Martial Arts in India
- युद्ध कला - ' युद्ध करने से जुडी कला '।
- कलारीपयट्टू - तीसरी शताब्दी ईसा पूर्व के आस-पास केरल में उत्पन्न हुआ था - इसमें कई तकनीकें शामिल हैं - ब्रिटिश शासन के दौरान प्रतिबंधित रहा।
- सिलंबम - तमिलनाडु की आधुनिक और वैज्ञानिक युद्ध कला - माना जाता है कि इस कला का विस्तार मलेशिया तक हो गया है - नक़ली लड़ाई और आत्मरक्षा दोनों के लिए उपयोग किया जाता हैं।
- चेइबी गद - गा - मणिपुर की प्राचीन युद्ध कला - इसमें तलवार और ढाल का उपयोग कर लड़ना शामिल होता है।
बहुविकल्पीय प्रश्न -
भारत की संस्कृति और परंपरा के अनुसार , ' कलारीपयट्टू ' क्या है ?
(a) यह दक्षिण भारत के कुछ भागों में अभी भी प्रचलित शेव धर्म का एक प्राचीन भक्ति पंथ है।
(b) यह दक्षिण भारत के कुछ भागों में एक प्राचीन मार्शल आर्ट्स और एक जीवन्त परंपरा है।
(c) यह कोरोमंडल क्षेत्र के दक्षिणी भाग में अभी भी मिलने वाली एक प्राचीन शैली वाली काँसे और पीतल की कलाकृति है।
(d) यह मालाबार के उत्तरी भाग में नृत्य और नाटक का एक प्राचीन रूप और एक जीवन्त परंपरा है।
Note:- इस प्रश्न का उत्तर आप हमारे टेलीग्राम चैनल (Amazing World With Raghav) पर दे सकते है।
