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गले के टॉन्सिल कैसे ठीक होते है how to cure tonsils in throat

गले के टॉन्सिल कैसे ठीक होते हैं जानिये इसका सही उपचार क्या है ।

 

गले के टॉन्सिल सर्दी के मौसम में टॉन्सिल की समस्या अधिक परेशान करती है। टॉन्सिल शरीर का एक बहुत जरूरी हिस्सा है ये इंफेक्शन से बॉडी की रक्षा करते है और खास कर जब सर्दी का मौसम आता तो अक्सर कई लोगों को खरास , खासी और सूजन जैसी समस्या होती है। हो सकता है ऐसा इंफेक्शन टॉन्सिल की वजह से हो। टॉन्सिल में संक्रमण के चलते कई बार मरीज को बोलने तक की परेशानी होने लगती है अगर आपके आस - पास या परिवार में किसी को ये परेशानी है तो यह ब्लॉग आपके लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। 

गले के टॉन्सिल

टॉन्सिल की समस्या किसी भी उम्र में परेशान कर सकती है। कई बार ये इतनी गंभीर हो जाती है कि बुखार आ सकता है। वैसे तो माना जाता है कि टॉन्सिल की समस्या जल्द ही ठीक हो जाती है लेकिन अगर ये लम्बे समय तक बनी रहे तो ये कैंसर का रूप भी ले सकती है।
यह शरीर के गले के पीछे की तरफ दो लिम्फनोड होते है। जो हमारे शरीर में संक्रमण को रोककर रक्षा तंत्र की तरह कार्य करते है। जब हमारे टॉन्सिल में इंफेक्शन हो जाता है तो इस समस्या को टांसिलाइटिस कहा जाता है। टॉन्सिल हमारे शरीर के इम्यूनिसिस्टम्स की तरह महत्वपूर्ण भूमिका निभाते है। यह हमारे स्वशन तंत्र तक पहुंचने से पहले जीवाणु और संक्रमण से लड़ने में मदद करते है। टॉसिल में कुछ सेल्स होते है। जो हमारे शरीर में प्रवेश करने वाले किसी भी संक्रमण को रोकते है।

 

टॉन्सिल के कुछ आम लक्ष्ण

१. गले में सूजन या टॉन्सिल में सूजन
२. गले में खरस
३. बुखार
४. निगलने में कठिनाई

 टॉन्सिल के वायरल आम बुखार की तरह होते है। कई बार ये बैक्टीरया संक्रमण की वजह से भी हो सकता है। समय पर इसका इलाज न हो तो स्थिति खतरनाक भी हो सकती है।

इसका आकार :- टॉन्सिल ताल के दोनों और बादाम के आकार की दो ग्रथियाँ इन ग्रथियाँ के रोग को टांसिलाइटिस कहते है।


छोटे बच्चे में ये समस्या आम मौसम बदलने के साथ टॉन्सिल की समस्या बढ़ती है। ठंडे मौसम में समस्या अधिक होती है मौसम बदलने के साथ बैक्टीरियल इंफेक्शन बढ़ जाता है। 

गलत खान पान इंफेक्शन को बढ़ा सकता है। खट्टी सब्जियाँ और फल बढ़ा सकती हैइंफेक्शन टॉन्सिल इंफेक्शन गले में खराश का भी कारण संक्रमण से टॉन्सिल के पीछे पस जम सकता है।

टांसिलाइटिस क्या है ?
टॉन्सिल का संक्रमण वायरस और बैक्टीरिया का संक्रमण बच्चों में बेहद आम समस्या

Tonsil

  •  टॉन्सिल गले के दोनों तरफ होता है।
  • बाहरी इंफेक्शन से शरीर की रक्षा करता है।
  • कीटाणुओं से लड़ने का काम करता है।

 

 

टॉन्सिल के कारण

  • वायरल टांसिलाइटिस - टॉन्सिल में वायरल का संक्रमण
  • इन्फ्लुएंजा - इसे फ्लू के नाम से भी जाना जाता है
  • एडिनोवायरस - गले में खराश और सर्दी
  • रेसीपरेटरी - सिंकश्यल वायरस - सांस लेने में परेशानी
  • कोरोना संक्रमण - बढ़ सकता है। टांसिलाइटिस

टॉन्सिल के प्रकार

  • एक्यूट टॉन्सिल : लक्षण ३-४ दिन में चले जाते है।
  • रिकंरट टॉन्सिल की बार टॉन्सिल के लक्षण दिखाई देना
  • क्रोनिक गले में सूजन और सांसो में बदबू आना
  • एक्यूट टॉन्सिल : कई बार टॉन्सिल के लक्षण दिखाई देना

 

टॉन्सिल के लक्षण

  • गले में तेज दर्द और सूजन
  • गर्दन में अकड़
  • खाना निगलने में कठिनाई
  • कान के निचले भाग में दर्द
  • जबड़े के निचले हिस्से में सूजन
  • सांसो में बदबू
  • ठंड लगना और बुखार
  • गले में खराश और खाँसी
  • कमजोरी थकान और चिड़चिड़ापन
  • सिर और कान में दर्द
  • सांस लेने में तकलीफ
  • पेट दर्द
  • जी मचलाना और उल्टी होना
  • सोने में परेशानी
  • मुँह खोलने में परेशानी 

 

जटिलताए

  • नीद के दौरान सांस लेने में परेशानी
  • आसपास के अटको में संक्रमण
  • टॉन्सिल के पीछे पस जमा होना

 

इस बीमारी से बचने के लिए क्या खाने खाए।

  • पालक को उबालकर खाए
  • उबले हुए आलू
  • गर्म चावल
  • अंडा
  • अदरक
  • शहद
  • इडली
  • गर्म पानी

  

हमे टॉन्सिल की बीमारी के समय किस चीजों से परहेज करने की आवश्यकता है।

  • ठंडा दूध और पानी
  • आइसक्रीम
  • शराब , सिगरेट और तम्बाकू
  • कैफीन
  • खट्टे फल
  • पैकेज्ड जूस
  • बासी भोजन
  • जंक फ़ूड
  • तला भुना भोजन
  • अधिक मसालेदार भोजन 

 

क्या करे

  • साफ सफाई का विशेष ध्यान रखे
  • खाने से पहले हाथो को अच्छी तरह धोए
  • खांसने और छीकने के बाद बार बार गर्म न करे
  • बाहर के खाने से बचे
  • भरपूर पाने का सेवन करे
  • पूरी नीद ले
  • तनाव से दूर रहे
  • नियमित रुप से व्यायाम करे
  • नशीली चीजों का सेवन न करे

 

घरेलू उपचार

  • हल्के गुनगुने पानी से गरारे करे
  • नमक के पानी से गरारे करे
  • शहद के साथ गर्म पानी का सेवन करे
  • प्याज के रस को गुनगुने पानी में मिलाकर गरारे करे
  • ४-५ लहसुन डाल क्र गुनगुने पानी से गरारा करे

 

 

टॉंसिलिस्टिस की जाँच

  • थ्रोट स्वैब कल्चर टेस्ट
  • कम्प्लीट ब्लड सेल्स काउट

 

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