क्या हो अगर पृथ्वी axis पर घूमना बंद कर दे?
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पृथ्वी अगर अपने अक्ष पर घूमना बंद करती है, तो इसमे कई चीजें Changes हो जायेगें, जैसे कि इंसान का ज़मीन पर गिरना, इस का कारण यह की पूरे Equator के चारों ओर चलना। जैसे की पृथ्वी का घूमना धीरे-धीरे धीमा हो रहा है, लेकिन होगा क्या अगर earth अपनी अक्ष पर घूमना बंद कर दे?
बेशक,अगर अचानक पृथ्वी को घूमने से रोक दिया जाये तो हमारा पृथ्वी का अधिकांश हिस्सा बहुत तेजी से दुर्गम हो जाएगा। आधा हिस्सा लगभग सूर्य की गर्मी का सामना करेगा, जबकि बाकि आधा हिस्सा ठंडी का सामना करेगा।
गर्म और ठंडे के बीच एक संकरे क्षेत्र में जीवन तो जारी रहे सकता है, लेकिन यह क्षेत्र कुछ समय की अवधि में पृथ्वी के चारों ओर रेंगता रहेगा इस का कारण पृथ्वी ने सूर्य के चारों ओर चक्कर लगाया था।
इस बात का पता लगाने के लिए अगर पृथ्वी अपनी धुरी पर नहीं घूमेगी तो क्या होगा? माना कि समुद्र के ठंडे किनारे जमते नहीं है और गर्म तरफ वाष्पित नहीं होते हैं। आइए एक नज़र डालते हैं कुछ केन्द्र शक्ति पर।
आज से कई अरब वर्षों पहले यह बल, जो प्रभावी रूप से बाहर की ओर धकेलता है, इस ने ग्रह को बीच से थोड़ा सा मोटा बना दिया है। लेकिन भूमध्य रेखा के माध्यम से मापा गया पृथ्वी का व्यास आज ध्रुवों के माध्यम से मापा गया पृथ्वी के व्यास से अनुमानित (21.4) किलोमीटर अधिक है। मगर महासागरों में पानी इन शक्तियों के लिए अधिक तेज़ और अनुक्रियाशील है। इसलिए पृथ्वी के स्पिन ने इस तरल पानी को लगभग आठ किलोमीटर की असामान्य ऊंचाई तक बढ़ा दिया है। लेकिन आज भूमध्य रेखा पर, महासागरों का सबसे गहरा हिस्सा लगभग (5.75) किलोमीटर है।
अगर पृथ्वी अपनी ही धुरी पर घूमना बंद कर देती, तो यह महासागर धीरे-धीरे भूमध्य रेखा से ध्रुवों की ओर चले जायगे। भूमध्य रेखा के आसपास टेरा फ़र्मा के केवल छोटे क्षेत्र पीछे हटने वाले पानी से बाहर निकलेंगे। इसके साथ ही भूमध्य रेखा पर आप पृथ्वी के चारों ओर यात्रा कर सकते हैं, यह पूरी तरह से शुष्क भूमि पर रह सकते हैं आप रात की ठंड और दिन की गर्मी को भी अनदेखा कर सकते हैं।
भूमध्यरेखीय क्षेत्रों को छोड़ने वाले पानी को कहीं और जाना होगा तो वह ध्रुव पर जाएगा। North में, Canada, America, Greenland, Liberia, Asia and Europe के उत्तरी मैदान पानी के नीचे रहेगे , लेकिन स्पेन पानी के ऊपर रहेगा।
भूमध्य रेखा से दूसरी ओर, नया दक्षिणी महासागर कैनबरा के माध्यम से चलने वाली रेखा पर शुरू होगा। अफ्रीका मेडागास्कर इसमे शामिल हो जाएगा, जबकि ऑस्ट्रेलिया और न्यू गिनी यह इंडोनेशिया में शामिल हो जाएगे । दक्षिणी ध्रुव का बेस उत्तरी ध्रुव के आसपास की तुलना में बहुत बड़ा होगा, इसी के कारण नया दक्षिणी महासागर का बेस कम होगा। इसका समुद्र स्तर नए उत्तरी महासागर के समुद्र स्तर से लगभग (1.4) किलोमीटर कम रहेगा।
अब पृथ्वी की धुरी नहीं है जिसे पानी के 8 किलोमीटर ऊंचे उभार का संकेत दिया बल्कि गुरुत्वाकर्षण भी इसका एक कारण होगा। क्योकि भूमध्य रेखा की तुलना में पृथ्वी का केंद्र करीब 10 किलोमीटर की दूरी पर है, इसलिए ध्रुवों पर गुरुत्वाकर्षण का बल थोड़ा अधिक होगा। तो चलिए आज से अरबों साल पहले जब पृथ्वी के पास भूमध्य रेखा के चारों ओर एक बड़ा उभार था, परन्तु भविष्य में यह धीमी गति से नीचे की और एक छोटा उभार होगा जिससे कारण पृथ्वी के गोल हो जाने की संभावना है।